सुकून …..

सुकून तभी मिलेगा। जब न किसी से आशा होगी।। और न किसी बात की निराशा होगी।।।     अक्सर हम लोगो से किसी न

जीन रिश्तो में गलतियों की अहमियत रिश्तो से बढ़कर हो जाती है उन रिश्तो की दूर नाजुक हो ही जाती है ।

रिश्ते हमारे जीवन के बहोत महत्वपूर्ण अंग होते है और जहा रिश्ते होते है अक्सर गलतियां गलत फ़हमिअा भी वहा होते रहती ही ही।