अक्सर वही अकेले रहे जाते है। जिन्हे निभाना नहीं आता।।

अलफ़ाज़ जो दिल से निकले और दिलों में समां गए।

अक्सर वही अकेले रहे जाते है।

जिन्हे निभाना नहीं आता।।

 

 

अक्सर वही लोग अकेले रहे जाते है जिन्हें रिश्ते निभाते नही आता।
जो लोग छोटी मोटी कहा सुनी होने पर पीछा छुड़ाने को देखते है।।

हमारे जीवन मे सबसे महत्वपूर्ण चीज़ों में से एक रिश्ते है ।
रिश्तो के बिना कही न कही हम अधूरे से रहे जाते है।।

जहाँ रिश्ते होते है वहॉ छोटी मोटी कहा सुनी अनबन होना आम बात है।
रिश्तो में अनबन होने पर रिश्तो से पीछा छुड़ाना सही नही है।

पिछा छुड़ाने के बजाए हमे उन्हें बचाने की कोशिश करना चाहिय।।

दुनिया में प्रकार की लोग होते है

एक वो जो रिश्तो में झगड़ा होने पर छोटी मोती बातो पर रिश्ते तोड़ने पर आजाते है
बातो को पकड़ के रखते है उनके जीवन में रिश्तो से ज्यादा महत्व ग़ुस्से में बोले गए किसी के दो शब्द होते है वो ये नहीं समझते ग़ुस्से में
उन्हें कुछ गलत कहा गया तोह उसमे गलती उनकी होगी। और अक्सर यही लोग हज़ारो की भीड़ इनके साथ होक भी अकेले ही रहे जाते है क्युकी ऐसे लोगो के पास लोग तोह भोत होते है लकिन सच्चा कोई नहीं।।

और दूसरे वो लोग जो हमेशा रिश्ते बचने की कोशिस करते है गलती होते या न होते हुए भी खुद झुक जाते है
ताकि रिश्ता बचा रहे ये लोगो के पास भीड़ काम होती है ये अक्सर गिने चुने लोगो से ही रिश्ता रखते है और
जिनसे रिश्ता रखते है दिल से निभाते है।।

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